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पूर्व विद्यार्थियों की कहानियाँ: आज वे कहाँ हैं?

प्रशंसापत्र, पूर्व विद्यार्थियों की कहानियाँ और वास्तविक जीवन में उनका प्रभाव

जॉन पॉल – पास्टर, एपीसी मंगलुरु

बी.थ. कार्यक्रम के स्नातक जॉन पॉल आज एपीसी मंगलुरु में पास्टर के रूप में सेवा कर रहे हैं। वे स्मरण करते हैं कि जब उन्होंने बाइबल कॉलेज में प्रवेश लिया था, तब उनके मन में अनेक प्रश्न थे और आत्मिक परिपक्वता की गहरी इच्छा भी थी। एपीसी बाइबल कॉलेज में व्यवस्थित शिक्षा ने उन्हें स्पष्टता, उचित मार्गदर्शन और ऐसा मजबूत आधार प्रदान किया, जिस पर वे अपने व्यक्तिगत विश्वास और सेवकाई दोनों का निर्माण कर सके।

वे बताते हैं कि धर्मशास्त्रीय प्रशिक्षण ने उन्हें अपने जीवन को अधिक सुव्यवस्थित ढंग से जीना, लोगों को बेहतर समझना, पारिवारिक जीवन को संतुलित रखना तथा स्थानीय कलीसिया के प्रति परमेश्वर के हृदय को समझना सिखाया। मसीह में हमारी पहचान जैसे विषय ने उन्हें मसीह में अपनी स्थिति का विश्वास दिलाया, प्रार्थना और मध्यस्थता ने उनके प्रार्थना जीवन को चुनौती देकर मजबूत बनाया, और अलौकिक सेवकाई की कुंजियाँ ने उनमें सेवकाई में परमेश्वर के अलौकिक कार्यों को देखने की गहरी लालसा उत्पन्न की।

अनेक पास्टरों की तरह जॉन पॉल को भी परिवार और सेवकाई के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ा। वे बताते हैं कि विवाह और परिवार विषय ने उन्हें अपनी कलीसिया की विश्वासयोग्य सेवा करते हुए परिवार को उचित प्राथमिकता देना सिखाया। अपने अनुभवों को स्मरण करते हुए वे विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हैं कि जितना संभव हो सीखें, ध्यानपूर्वक निरीक्षण करें, गहरे प्रश्न पूछें और प्रार्थना को परमेश्वर के वचन को समझने और उसके अनुसार जीवन जीने की कुंजी बनाएँ।

थारुन कुमार जी – बोर्ड सदस्य, द ब्रिज इंटरनेशनल चर्च, पेरिस

बी.थ. कार्यक्रम के स्नातक थारुन कुमार आज पेरिस स्थित द ब्रिज इंटरनेशनल चर्च में बोर्ड सदस्य, वक्ता और छोटे समूह के अगुवे के रूप में सेवा कर रहे हैं। सेवकाई के साथ-साथ वे एच एंड एम में कंटीन्युअस सर्विस इम्प्रूवमेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं तथा तीन पुस्तकों के लेखक भी हैं। उनका जीवन इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि एपीसी बाइबल कॉलेज से प्राप्त मजबूत आधार के साथ सेवकाई और व्यावसायिक जीवन का प्रभावशाली समन्वय कैसे किया जा सकता है।

एपीसी में अध्ययन के दौरान थारुन एक प्रचारक, लेखक और अगुवे के रूप में विकसित हुए। वे स्वीकार करते हैं कि धर्मशास्त्रीय प्रशिक्षण ने उन्हें केवल कलीसिया की सेवकाई के लिए ही नहीं, बल्कि डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार किया। कलीसिया प्रशासन के अध्ययन ने उन्हें टीमवर्क और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया, जबकि बाइबिल अध्ययन ने एक पेशेवर के रूप में उनके निर्णय लेने की क्षमता को दिशा प्रदान की।

"एपीसी बाइबल कॉलेज आज की दुनिया की सबसे बड़ी आवश्यकता—सही दिशा और मजबूत आधार—प्रदान करता है तथा ऐसे अगुवों को तैयार करता है जो बुद्धिमानी और धैर्य के साथ परमेश्वर की सेवा करते हैं।" — थारुन कुमार जी

थारुन के जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी कोविड महामारी के दौरान पेरिस स्थानांतरित होना। भारत में वे सेवकाई में अत्यंत सक्रिय थे, परन्तु पेरिस पहुँचने पर अवसर सीमित हो गए। बाइबल कॉलेज में सीखे गए सिद्धांतों को लागू करते हुए उन्होंने ज़ूम पर छोटे समूहों का नेतृत्व करना, ऑनलाइन बाइबल प्रश्नोत्तरी आयोजित करना प्रारम्भ किया, और परमेश्वर ने उनके प्रभाव को बढ़ाया। यहाँ तक कि प्रतिदिन सुबह 4 बजे उठकर कक्षाओं में भाग लेने की आदत ने भी उनमें ऐसा धैर्य विकसित किया जिसने उस कठिन समय में उन्हें संभाले रखा।

अवनी इमैनुएल – आराधना अगुवा, शिक्षिका और सेवकाई कार्यकर्ता

अवनी इमैनुएल ने अप्रैल 2023 में एपीसी बाइबल कॉलेज से अपना बी.थ. कार्यक्रम पूरा किया। उनके लिए वर्ष 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान कॉलेज में प्रवेश लेना वर्षों से की जा रही प्रार्थना का उत्तर था। जो यात्रा विश्वास के एक छोटे से कदम से आरम्भ हुई, वह शीघ्र ही परमेश्वर के अनुग्रह के दैनिक अनुभवों से भर गई। वे उस आनंद को स्मरण करती हैं जब उन्होंने ऐसे जीवंत कक्षा वातावरण में अध्ययन किया जहाँ 18 वर्ष से लेकर 63 वर्ष तक की आयु के विद्यार्थी एक साथ परमेश्वर के वचन को सीखने की तीव्र लालसा रखते थे।

अवनी गवाही देती हैं कि एपीसी बाइबल कॉलेज में प्राप्त धर्मशास्त्रीय प्रशिक्षण ने उनके आत्मिक जीवन को गहराई से परिवर्तित किया है। वे अपने जीवन की तुलना कुम्हार के चाक पर रखी हुई मिट्टी से करती हैं, जहाँ परमेश्वर प्रतिदिन प्रार्थना, पवित्रशास्त्र के अध्ययन और उसके वचन को जीवन की चुनौतियों में लागू करने के द्वारा उनके मन को नया बनाता रहता है। यह जानना कि मसीह उनके लिए मध्यस्थता करता है, उनके लिए विशेष सामर्थ्य का स्रोत रहा है, विशेषकर जब उन्होंने बाइबल शिक्षिका और प्रोत्साहन देने वाली सेविका के रूप में अपनी बुलाहट को स्वीकार किया।

अवनी के लिए एपीसी बाइबल कॉलेज केवल एक उपाधि प्राप्त करने का स्थान नहीं था, बल्कि जीवनभर का ऐसा अनुभव था जो आज भी उनके जीवन और सेवकाई को आकार दे रहा है तथा उन्हें परमेश्वर की सहायता से विश्वासयोग्यता के साथ अपनी दौड़ पूरी करने के लिए तैयार कर रहा है।

निष्कर्ष

इन पूर्व विद्यार्थियों की कहानियाँ हमें स्मरण कराती हैं कि बाइबल कॉलेज का वास्तविक मूल्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। चाहे कोई कलीसिया का नेतृत्व कर रहा हो, वैश्विक व्यावसायिक जीवन के साथ सेवकाई का संतुलन बना रहा हो, या व्यक्तिगत कठिनाइयों के बीच विश्वासयोग्यता से आगे बढ़ रहा हो—हर स्नातक इस बात की गवाही देता है कि परमेश्वर का वचन, जिसे उन्होंने सीखा और जीवन में अपनाया, आज भी उनके जीवन की अटल नींव है। एपीसी बाइबल कॉलेज आज भी ऐसा स्थान बना हुआ है जहाँ विद्यार्थियों को केवल सेवकाई के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन के लिए तैयार किया जाता है, ताकि वे बुद्धिमानी, धैर्य और मसीह के समान प्रेम के साथ अपने संसार को प्रभावित कर सकें।

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